प्रेमी युगल की आदिवासी रीति रिवाज से हुई शादी

पखवारे भर पूर्व बिन ब्याही माँ बनी थी युवती ,प्रेमी के संसर्ग से डूमरा स्कूल में दिया था बच्चे को जन्म

कार्रवाई के डर से लड़का पक्ष के लोग शादी के लिए हुये राजी

दुद्धी सोनभद्र| पिपरडीह के प्रेमी व नदी पार कोरगी की प्रेमिका का शुक्रवार को आदिवासी रीति रिवाज से दोनों पक्षों के लोगों ने आपस की मर्जी से दोनों का शादी कर दिया| पखवारे भर पूर्व युवती के माँ बनने की खबर पाकर युवक बाहर भाग गया था ,जब पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर युवक के धर पकड़ के लिए दबिश डालना शुरू किया तो युवक के परिजन शादी को राजी हुए|
इसको लेकर शुक्रवार को आदिवासी वीरांगना महारानी दुर्गावती स्मारक स्थल पर नव युगल जोड़ी का आदिवासी रीति रिवाज से प्रकृति शक्ति आदि बड़ादेव को साक्षी मानकर बावन गढ़ 57 परगना के देवी देवताओं का आह्वाहन कर विवाह कार्यक्रम का प्रारम्भ किया गया ,नवयुगल आदिवासी जोड़ी में युवक शंखलाल पुत्र माता प्रसाद निवासी ग्राम पिपरडीह व ममता पुत्री रामसुभग निवासी कोरगी ने उपस्थित परिवार ,रिश्तेदार व संभ्रांतजनो की उपस्थिति में प्रमुख गोंडी धर्मचार्य सरदार सिंह गोंड व रामधनी के द्वारा सम्पन्न कराया गया |कार्यक्रम के संयोजक फौजदार सिंह परस्ते जिलाध्यक्ष आदिवासी महासंघ व गोंड़ महासभा के शंभु सिंह गोंड के उपस्थिति में सम्पन्न हुआ |कार्यक्रम में रामधारी सिंह ,हीरामणि सिंह ,देवकली ,नैना ,जोखू सिंह खरवार व परिवार के वरिष्ट सदस्य विद्यासागर ,माताप्रसाद ,रामसुभग ,लालमन ,लालबाबू ,संध्या ,शांति देवी ,रामसुन्दरी ,लक्ष्मी देवी ,सुनीता ,जिरहुल देवी सहित परिवार के अन्य सदस्य विवाह के साक्षी बने|

ये भी पढ़िए