
नई दिल्ली : एनसीपी में दरार के बाद विपक्षी एकता को भी खतरा सताने लगा है। पटना के बाद अब बेंगलुरु में होने वाली विपक्ष की बैठक भी संसद सत्र तक स्थगित कर दी गई है।
विपक्षी एकता को बड़ा झटका इसलिए भी लगा है, क्योंकि इस एकता के मुख्य चेहरा माने जाने वाले शरद पवार की पार्टी की कमान पर ही अब सवालिया निशान लग गया है।
13 और 14 जुलाई को होनी थी बैठक
गैर-भाजपा विपक्षी दलों की दूसरी बैठक आखिरकार स्थगित कर दी गई है। यह बैठक 13 और 14 जुलाई को बेंगलुरु में प्रस्तावित थी। बैठक की अगली तारीख अभी तय नहीं हुई है। जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि उम्मीद है कि विपक्षी दलों की अगली बैठक संसद के मानसून सत्र के बाद बुलाई जाएगी।
संसद का मानसून सत्र इस साल 20 जुलाई से शुरू होकर 20 अगस्त तक चलेगा।
#WATCH | RJD MP Manoj Jha, says "The next opposition meeting can be either delayed or advanced by 2-4 days. There is no such tentative date yet but possibly the meeting will be held before the Monsoon Session begins" pic.twitter.com/1UvEstVXGZ
— ANI (@ANI) July 3, 2023
बिहार और कर्नाटक का मानसून सत्र भी कारण
जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित बेंगलुरु बैठक मुख्य रूप से बिहार विधानमंडल के आगामी मानसून सत्र (10 से 14 जुलाई तक) और कर्नाटक विधानसभा के बजट सह मानसून सत्र (3 से 14 जुलाई तक) के कारण भी स्थगित की गई हो सकती है।
इससे पहले गुरुवार को एनसीपी संरक्षक शरद पवार ने घोषणा की थी कि बैठक 13 और 14 जुलाई को शिमला के बजाय बेंगलुरु में होगी।
शरद पवार ने कहा था, ”हिमाचल प्रदेश में मौजूदा गीले मौसम और भारी बारिश के कारण बैठक का स्थान शिमला से बेंगलुरु स्थानांतरित कर दिया गया है।”